मोटर बीमा एजेंट कैसे बने? How to become a motor insurance agent

यदि आप एक मोटर बीमा एजेंट बनना चाहते हैं लेकिन आपको इस बात की पूरी जानकारी नहीं है की वाहन बीमा एजेंट कैसे बनें।मोटर insurance एजेंट कैसे बने ? वाहन बीमा के प्रकार और वाहन का बीमा करना क्यूँ ज़रूरी होता है? तो बिलकुल निश्चिंत हो जाएँ  क्यूँकि आप बिलकुल सही पेज पर आएँ हैं। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से आपको how to become a motor insurance agent के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहें हैं।


इंडिया में अपने वाहन को रोड पर चलाने के लिए वाहन का insurance करवाना बहुत आवश्यक होता है। बिना इन्शुरन्स के सड़क पर वाहन चलाना ग़ैर क़ानूनी माना जाता है।


आज के दौर में कोई भी ऐसा घर नहीं होगा जिसमें एक या एक से अधिक वाहन नहीं होते हैं। दिन पर दिन बढ़ती जनसंख्या की वजह से वाहनों के संख्या में भी तेज़ी से वृद्धि हो रही है।


अगर आपके पास कोई वाहन है तो उसका insurance करवाना बहुत आवश्यक होता है। इस से इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है की यदि आप मोटर बीमा एजेंट बनने की चाहत रखते हैं तो इस फ़ील्ड में आप काफ़ी अच्छा कमिशन कमा सकते हैं। इसलिए हम अपने इस लेख में आपको ये भी बताएँगे की वाहन बीमा एजेंट का कमिशन कितना होता है।




motor insurance agent kaise bane





मोटर इन्शुरन्स एजेंट कौन होता है? (Who is a motor insurance agent):-

मोटर insurance एजेंट उस व्यक्ति को कहते हैं जो किसी मोटर insurance कम्पनी के माध्यम से कम्पनी के बीमा को वाहन स्वामियों को बेचता है।


अगर आपको एक वाहन इन्शुरन्स एजेंट बनना है तो आपको ग्राहकों के ज़रूरत के हिसाब से उन्हें बीमा पॉलिसी बेचना सीखना पड़ेगा।






वाहन बीमा क्या है? (what is motor insurance):-

भारत में वाहन बीमा पॉलिसी किसी भी कार, बाइक, commercial vehicle जैसे ऑटो रिक्शा और ट्रक को किसी भी दुर्घटना में हुयी क्षति के  भरपायी के लिए करवाना बहुत ज़रूरी होता है।


वाहन बीमा होने से किसी भी प्रकार की आपदा में अगर वाहन में किसी प्रकार का नुक़सान होता है तो उसकी भरपायी insurance company द्वारा किया जाता है।




वाहन बीमा योजना के प्रकार:-

वाहन बीमा योजना मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है।
1. Third party Insurance policy
2. Own damage motor insurance policy
3. Standard motor insurance policy


  • भारत में वाहनों का थर्ड पार्टी इन्शुरन्स करवाना बहुत आवश्यक होता है। भारत में मोटर vehicle ऐक्ट 1982 के अंतर्गत बिना इन्शुरन्स के वाहन सड़क पर चलाने पर आपको भारी फ़ाइन चुकानी पड़ सकती है।
  • own डैमिज इन्शुरन्स पॉलिसी के अंतर्गत व्यक्ति अपने और अपने वाहन दोनो का अपने मुताबिक़ इन्शुरन्स प्लान लेकर बीमा करवा सकता है।
  • स्टैंडर्ड मोटर बीमा पॉलिसी के अंतर्गत व्यक्ति को कम्पनी द्वारा पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाती है। जैसे किसी भी प्रकार की दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, वाहन चोरी इत्यादि।


यह भी पढ़ें:-






मोटर बीमा एजेंट कैसे बनें? (How to become a motor insurance agent):-

मोटर बीमा एजेंट बनने का सबसे आसान तरीक़ा है की आप POSP सर्टिफ़िकेट प्राप्त कर लें। POSP (Point Of Sales Person) एक प्रकार का नाम होता है जिसकी मदद से कोई व्यक्ति किसी बीमा कम्पनी के बीमा पॉलिसी बेच सकता है।


POSP पाने के लिए आपके पास IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता और ट्रेनिंग प्राप्त करना आवश्यक होता है।




IRDAI full form:-

IRDAI ( Insurance Regulatory and Development Authority of India)




मोटर बीमा एजेंट बनने के लिए योग्यता और क्वालिफ़िकेशन क्या होनी चाहिए:-

यदि आप जानना चाहते हैं की एक कर insurance एजेंट कैसे बने तो, इसके लिए आपकी आगे कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, कम से कम 10वीं पास हों, आपके पास valid आधार कार्ड और PAN card होना आवश्यक है।


यह सब होने के बाद आपको  IRDAI द्वारा निर्धारित एक 15 घंटे की ट्रेनिंग को पूरा करने के लिए कहा जाएगा।




मोटर बीमा एजेंट कौन बन सकता है? (who can become a motor insurance agent):-

वह हर व्यक्ति जो 10 वीं पास हो और जिसकी age 18 वर्ष हो, वह मोटर बीमा एजेंट बन सकता है। इसका मतलब वह हर व्यक्ति जो बीमा पॉलिसी बेचने की योग्यता रखता हो और उसके पास ऊपर लिखी हुयी न्यूनतम योग्यता हो, वह एक POSP एजेंट बन सकता है। चाहे वह कॉलेज स्टूडेंट हो, housewife हों या व्यापारी हों।



मोटर बीमा एजेंट का कमिशन कितना होता है?


वाहन बीमा करने वाले एजेंट को बीमा company किसी प्रकार की fixed सैलरी नहीं देती है। असल में इनका काम पूर्णतया कमिशन पर आधारित होता है।


बीमा एजेंट को उसके द्वारा बेची जाने वाली प्रत्येक पॉलिसी पर 10 % से 20% तक का कमिशन प्राप्त होता है। बीमा एजेंट की कमायी उसकी पॉलिसी sale करने की क्षमता पर निर्भर करती है।


साथ ही साथ यदि कोई कस्टमर अपने वाहन की पॉलिसी renewal करवाता है तब भी एजेंट को उसपर कमिशन प्राप्त होता है।



मोटर बीमा एजेंट बनने के फ़ायदे:-

  • एक बीमा एजेंट को किसी 9 to 5 जॉब की तरह काम करने की बाध्यता नहीं होता है। बीमा एजेंट अपने क्लाइयंट के टाइम के अनुरूप काम करके दिन के किसी भी समय में अपने लिए कमिशन कमा सकता है।
  • बीमा एजेंट का काम आप अपने दूसरे काम के साथ में भी कर सकते हैं। यह आपके लिए एक part time income के रूप में काम करती है।
  • बीमा एजेंट बनने के लिए आपको किसी भी प्रकार के इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ती।
  • इस क्षेत्र में आपकी बात करने की शैली में बहुत अच्छा परिवर्तन आता है जिस से आगे चलकर आप किसी भी व्यक्ति से कम्यूनिकेशन करते समय हेज़िटेट नहीं करेंगे।



अंत में :-

हम आशा करते हैं की आपको हमारा यह लेख मोटर बीमा एजेंट कैसे बनें? how to become a motor insurance agent? 
पसंद आया होगा। हम उम्मीद करते हैं की आपको अब मोटर बीमा एजेंट का कार्य क्या होता है? वाहन बीमा एजेंट का कमिशन कितना होता है? इत्यादि की सम्पूर्ण जानकारी हो गयी होगी। इस लेख से सम्बंधित किसी भी प्रकार के सुझाव अथवा डाउट के लिए आप हमें कॉमेंट करके बता सकते हैं।

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ