Railway me goods guard kaise bane? goods guard ki salary?

जब आप कभी railway station पर होते है तो वहाँ से गुजरने वाली ट्रेनों को देखते हुए आपने गौर किया होगा की ट्रेन की सबसे last वाले कम्पार्ट्मेंट में railway का एक कर्मचारी होता है, जो कभी- कभी हाथ में हरी और लाल झंडी लेकर ट्रेन को चलने और रुकने का इशारा करता है। indian railway के इन्ही कर्मचारियों को goods guards कहा जाता है। goods guards की salary काफ़ी आकर्षक होती है। यदि आप भी जानना चाहते हैं की goods guards kaise bane?, goods guards banane ke liye kaun sa exam pass karna padta hai, railway me goods guards banane ke liye shaikshik yogyata kya honi chahiye और goods guards की सैलरी कितनी होती है?



railway goods guard salary





तो आज के इस लेख में हम आपको goods guards kaise bane? के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं। goods guards जैसा की इसके नाम से ज़ाहिर होता है, सामान की सुरक्षा करने वाला गार्ड। railway में goods guard का काम बहुत ही ज़िम्मेदारियों भरा होता है। इनका काम ट्रेन को रोकने और चलने के लिए निर्देश देना और समय- समय पर समान की जाँच करना होता है। यह train के सबसे अंत में बने एक छोटे से डिब्बे में रहते हैं। इन्हें train incharge या train supervisor के नाम से भी जाना जाता है।



यदि आप भी रेलवे में goods guards के पद पर काम करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं की railway goods guards kaise bane? goods guards ke liye qualification kya honi chahiye? goods guards ki salary kitni hoti hai?  तो हमारे साथ बने रहिए और article को अंत तक पढ़िए आपको यह पर railway goods guards के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है।



goods guards kise kehte hain? goods guard ka kam kya hota hai?



रेलवे में, रेल goods कम्पार्ट्मेंट में समान की सुरक्षा करने वाले और ट्रेन को स्टेशन मास्टर द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार रूकने और चलने का signal देने वाले कर्मचारी को goods गार्ड कहा जाता है।



रेलवे गुड्ज़ गार्ड ट्रेन के सबसे आख़िरी बोगी में सवार होता है और ट्रेन को चलने और रोकने के लिए हरी झंडी और लाल झंडी का प्रयोग सिग्नल के रूप में करता है।



emergency के दौरान ये ट्रेन में इमर्जन्सी ब्रेक लगाने का भी अधिकार रखते हैं। ट्रेन के सबसे आख़िरी डिब्बे में होने की वजह से इनको थोड़ा रिस्क भी रहता है। ज़्यादातर time गुड्ज़ गार्ड अकेले ही duty करते हैं इसलिए जो व्यक्ति अकेले रहने के आदी हों उनके  लिए यह job और भी अच्छी साबित हो सकती है।



गुड्ज़ गार्ड्ज़ की बोगी ट्रेन की अन्य बोगियों जैसी नहीं होती। यह बोगी बहुत ही छोटी साइज़ की होती हैं जिसमें सुविधाएँ भी बहुत ही  सीमित होती हैं। कभी- कभी गार्ड को मौसम ख़राब होने पर गर्मियों में अधिक गर्मी और सर्दियों में अधिक सर्दी का सामना करना पड़ता है।






railway goods guards banane ke liye avashyak qualification kya hai?



परीक्षार्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से intermediate (12th) की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।



goods guards के इग्ज़ैम बैठने के लिए उम्मीदवार के पास  किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम ग्रैजूएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। परीक्षार्थी किसी भी स्ट्रीम से अथवा subject से ग्रैजूएट हो लेकिन कम से कम graduate होना अनिवार्य होता है।


railway goods guard banane ke liye nyunatam yogyata kya honi chahiye?



  • परीक्षार्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम स्नातक (graduate) होना अनिवार्य होता है।

  • परीक्षार्थी की उम्र (age) 18- 33 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है।

  • आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग) के परीक्षार्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट का प्रावधान है।

  • परीक्षार्थी की आँखे सामान्य होनी चाहिए, आँखों में किसी भी प्रकार की ख़राबी नहीं होनी चाहिए। आँखों की रोशनी 6/9  के अनुपात में होना चाहिए।

  • परीक्षार्थी में साहस और आत्मबल होना बहुत आवश्यक होता है क्यूँकि उसे ट्रेन के सबसे आख़िरी बोगी में पूरी रात या पूरा दिन अकेले ही सफ़र करना पड़ता है।

  • परीक्षार्थी का शरीर और मस्तिष्क पूरी तरह से स्वस्थ हों।


goods guard kaise bane?


  • goods guard बनने के लिए आपके पास सबसे पहले स्नातक की degree होना आवश्यक है।

  • रेलवे बोर्ड के परीक्षाओं के आवेदन के लिए निर्धारित डेट पर आपको रेलवे गुड्ज़ गार्ड पद के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा।

  • RRB( Railway Recruitment Board) के द्वारा समय- समय पर goods guards के लिए भर्तियाँ निकलती हैं जिस से परीक्षार्थियों को हमेशा update रहना आवश्यक होता है।

  • आरआरबी की website पर जाकर goods guards के पद लिए online आवेदन करें।

  • ऑनलाइन फ़ॉर्म भरने के बाद आपको कम्प्यूटर आधारित लिखित परीक्षा पास करना पड़ता है।

  • कम्प्यूटर आधारित परीक्षाओं में सबसे पहले आपको CBT-1( Computer Based Test) देना पड़ता है।

  • CBT-1 उत्तीर्ण होने के बाद CBT-2 की परीक्षा उत्तीर्ण करना होता है।

  • CBT-1 और CBT-2 की परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद आपके document का वेरिफ़िकेशन होता है।

  • Document verification होने के बाद परीक्षार्थी का medical test किया जाता है।

  • मेडिकल टेस्ट पास होने के बाद अभ्यर्थियों को training पर भेज दिया जाता है।

  • training कम्प्लीट होने के बाद परीक्षार्थी की नियुक्ति goods गार्ड के पद पर हो जाती है।



Goods Guard ki salary kitni hoti hai?


गुड्ज़ गार्ड की सैलरी 29,400 रुपए प्रति माह होती है। सैलरी के साथ- साथ इन्हें कई भत्ते जैसे यात्रा भत्ता, महंगायी भत्ता, और मकान के किराए का भत्ता भी मिलता है। अगर ग्रेड पे की बात करें तो गुड्ज़ गार्ड के 2800 रुपए ग्रेड पे मिलता है।
अब आपको यह पता चल गया होगा की goods guards ki salary kitni hai? 
अब आगे चलते हैं।



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goods guard ka selection prakriya kya hai?


goods guards के लिए सिलेक्शन कम्प्यूटर based परीक्षा और मेडिकल परीक्षण के आधार पर होता है। online आवेदन करने के
बाद प्रारम्भिक परीक्षा होती है जो ऑनलाइन होती है।

प्रारम्भिक परीक्षा होने के बाद दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा होती है, मुख्य परीक्षा के बाद document verification और मेडिकल टेस्ट होता है जिसको पास करने के बाद अभ्यर्थी का फ़ाइनल चयन हो जाता है।

CBT-1(  computer आधारित प्रारम्भिक परीक्षा):


प्रारम्भिक परीक्षा में आपको जेनरल नॉलेज, मथमेटिक्स, जेनरल इंटेलिजेन्स और तार्किक बुद्धिमत्ता पर प्रश्न पूछे जाते हैं। सभी प्रश्न बहुविकलपिय होते हैं जिसमें आपको सही विकल्प चुनकर बताना होता है।


प्रारम्भिक परीक्षा क्वालिफ़ायइंग होती है इसका अंक मेरिट में नहीं जुड़ता है।


CBT-2 (कम्प्यूटर आधारित द्वितीय परीक्षा):


प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को द्वितीय परीक्षा देनी होती है। इसमें भी जेनरल नॉलेज, रीज़ॉनिंग, mathmetics और सामान्य तर्कबुद्धि परीक्षण जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

 
इस परीक्षा के अंको के द्वारा ही मेरिट बनती है और यह परीक्षा प्रारम्भिक परीक्षा से थोड़ी कठिन होती है।



मेडिकल टेस्ट और डॉक्युमेंट verification :

CBT-1 और CBT-2 की परीक्षाएँ उत्तीर्ण करने के बाद कैंडिडेट्स को मेडिकल टेस्ट और document वेरिफ़िकेशन के लिए बुलाया जाता है।


medical test में पास होने वाले candidates को finally ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अंत में candidate का सिलेक्शन goods गार्ड पद के लिए हो जाता है।



अंत में। रेलवे में goods guard कैसे बनें?

इस लेख को पढ़ने के बाद हम आशा करते हैं की आपको, goods guard कैसे बनें?, goods guard की सैलरी क्या है? goods guards बनने के लिए qualification और goods गार्ड का काम क्या होता है? के बारे में पूरा पता चल गया होगा।
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