ग्राम विकास अधिकारी कैसे बनें ?

ग्राम विकास अधिकारी (VDO) कैसे बनें।सैलरी :

ग्राम विकास अधिकारी या पंचायत सेवक किसी भी गाँव के ग्राम प्रधान का सचिव होता है। यह राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक सरकारी कर्मचारी होता है। इनको ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के नाम से भी जाना जाता है। ग्राम विकास अधिकारी का प्रमुख काम, गावों में ग्रामीण विकास परियोजनाओं को लागू करवाना होता है। आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं की ग्राम विकास अधिकारी क्या होता है ? कैसे बनें ? योग्यताएँ और VDO की सैलरी। ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एक महत्वपूर्ण पद होता है। यदि आप भी VDO बन ना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आपको gram vikas adhikari के पोस्ट और salary के बारे में पूरी जानकारी हो जाएगी।


ग्राम विकास अधिकारी क्या होता है ?

ग्राम विकास अधिकारी एक ग़ैर राजपत्रित सरकारी अधिकारी होता है जिसे पहले पंचायत सेवक के नाम से भी जाना जाता था किंतु वर्तमान में इसे village development officer (VDO) कहा जाता है। VDO को पंचायत कार्यालय का पंचायत सचिव प्रभारी भी कहा जाता है।





ग्राम विकास अधिकारी बन ने के लिए योग्यता:

  • ग्राम विकास अधिकारी बन ने के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होती है।
  • आपके पास CCC का certificate होना आवश्यक होता है।
  • कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान आवश्यक होता है।


VDO के लिए आयु सीमा(age limit):

  • ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए आवेदनकर्ताओं की age (आयु) 18 - 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • OBC candidates को आयु में 3 वर्ष की छूट दी जाती है और SC/ST वर्ग के लिए 5 वर्ष की छूट दी जाती है।

आने वाले कुछ महीनों में राज्य सरकार द्वारा पटवारी ( लेखपाल) के पदों के लिए भर्तियाँ आने वालीं हैं।यदि आपको इसके बारे में विस्तृत जानकारी लेनी हो तो आप पटवारी ( लेखपाल) कैसे बनें? सम्पूर्ण जानकारी पर जाकर देखा सकते हैं।


VDO की सैलरी कितनी होती है ̐(salary of VDO):

ग्राम विकास अधिकारी VDO या ग्राम पंचायत अधिकारी की सैलरी  ₹5200 से ₹20200 होती है।

ग्राम विकास अधिकारी की चयन प्रक्रिया (selection process for VDO):

ग्राम विकास अधिकारी बने ने के लिए आपको राज्य सरकार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की परीक्षा को पास करना होगा। VDO के रूप में चयनित होने से पहले आपको मुख्य तीन चरणो से होके गुजरना होता है जो हैं 
  1. लिखित परीक्षा 
  2. साक्षात्कार 
  3. शारीरिक योग्यता परीक्षा 
क्या अपने यह पढ़ा-







VDO लिखित परीक्षा syllabus।प्रथम चरण :

प्रथम चरण में लिखित परीक्षा के लिए आपको 1 घंटे 30 मिनट का time मिलता है जिसमें आपसे 

भाग 1 हिंदी लेखन क्षमता:

इस भाग में परीक्षार्थियों को हिंदी भाषा की जानकारी से सम्बंधित प्रश्न पूछे जातें हैं जिसमें जो 10वीं के स्तर की होती हैं जिसमें रस, समास, पर्यायवाची, तदभव एवं तत्सम, विलोम शब्द, वाक्यांशों के लिए एक शब्द निर्माण, मुहावरे (proverbs) और लोकोक्तियाँ, वाक्य सुधार, वचन, कारक, लिंग अलंकार, वर्तनी त्रुटि से जुड़े हुए अनेकार्थी शब्द इत्यादि पूछे जाते हैं।

भाग 2 सामान्य बुद्धि परीक्षण:

इस भाग में परीक्षार्थियों के तर्क क्षमता परीक्षण से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें संख्या पद्धति, वेन diagram, ब्लड रेलेशन, seating arrangement, coding and decoding, statement and conclusion, statement and argument, non- verbal series, analogies जैसे topics से तार्किक प्रश्न पूछे जाते हैं।

भाग 3 सामान्य जागरूकता:

 इस भाग में candidates से इतिहास, भारत का भूगोल, भारतीय संस्कृति, स्पोर्ट्स, सामान्य विज्ञान, देश और राजधानियाँ, आविष्कार, संगीत और और साहित्य, महत्वपूर्ण तिथियाँ, ग्रामीण समाज एवं पंचायतें जैसे topics से प्रश्न पूछे जातें हैं।


भाग:1 हिंदी लेखन क्षमता से आपसे 30 प्रश्न पूछें जाएँगे और प्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक दिए जाएँगे ।
भाग:2 सामान्य बुद्धि परीक्षण से आपसे 20 प्रश्न पूछे जाएँगे और प्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक दिए जाएँगे।
भाग:3 सामान्य जागरूकता से आपसे 30 प्रश्न पूछे जाएँगे और प्रत्येक सही उत्तर पर आपको 1 अंक दिए जाएँगे ।

इस प्रकार से प्रथम चरण में आपसे 80 पूर्णांक के प्रश्न पूछें जाएँगे।

VDO द्वितीय चरण।साक्षात्कार :

द्वितीय चरण में आपको  साक्षात्कार से गुजरना पड़ता है जो 20 पूर्णांक का होता है।

इस प्रकार कुल 100 अंको की लिखित परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट्स को शारीरिक योग्यता जाँच के लिए जाना पड़ता है।

VDO शारीरिक योग्यता परीक्षण:

लिखित परीक्षा में पास उम्मीदवारों को शारीरिक योग्यता परीक्षण के लिए बुलाया जाता है जिसमें अभ्यर्थियों को व्यायाम, लम्बी कूद, चार मील cycle race, 2 मील टहलने जैसी कुछ activity करवायी जातीं हैं।

video के माध्यम से भी आप यहाँ जाकर  जानकारी ले सकते हैं  ग्राम विकास अधिकारी कैसे बनें?

ग्राम विकास अधिकारी। ग्राम पंचायत अधिकारी VDO का कार्य क्या है :

ग्राम विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय से सम्बंधित कार्यों को करवाते है। इन्हें पंचायत कार्यालय का प्रभारी भी कहा जाता है। इन्हें ग्राम पंचायत से सम्बंधित सरकारी योजनाओं का record रखना पड़ता है।पंचायत के प्रतिनिधियों द्वारा पास किए गए fund के अनुरूप इन्हें बजट बनाना पड़ता है।

  • गावों में व्यवस्थित रूप से साफ़ - सफ़ायी करवाना।
  • बाल  कल्याण और मातृत्व 
  • पशुओं के लिए सरकारी चारागाह बनवाना और उसकी देखभाल करना।
  • पंचायत समिति का वार्षिक बजट बनाना तथा सभी योजनाओं को ज़िला परिषद में प्रस्तुत करना।
  • ग्रामीण क्षेत्र में कृषि, उद्योग के विकास में मदद करना।
  • ज़िला पार्षद द्वारा दिए हुए लक्ष्यों के अनूरूप वार्षिक योजनाएँ बना ना तथा निश्चित समय के अंतराल पर ज़िला परिषद में प्रस्तुत करना।
  • भूमि सुधार, भूमि संरक्षण, ग़रीबी उन्मूलन, ग्राम कार्यक्रम इत्यादि।

आज के इस लेख में हमने आपको ग्राम विकास अधिकारी कैसे बने के बार में पूरी जानकारी दी है। आपको इस लेख के बारे में यदि कोई संदेह हो तो कृपया हमें comment के माध्यम से ज़रूर बताएँ और आपको यदि VDO कैसे बने की जानकारी पसंद आयी हो तो आप इसे social media और अपने मित्रों के साथ share करें। हम अपने हिंदी ब्लॉग hingurukul.com पर career, education, motivation और money making पर नए- नए article लाते रहते हैं। धन्यवाद!


















एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ